Sham Ki Yaade Shayari | 15+ Latest सुहानी शाम की यादें

दोस्तों आज हम लेके आये है इस सर्दी के मौसम की सुहानी शाम की यादों से जुडी कुछ शायरियां
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Sham Ki Yaade Shayari In Hindi | Best Yaade Shayari

मंद मंद ठंडी लहरों के साथ,
ये नूरानी शाम का मौसम,
ऊपर से बादलों के बिच से,
निकलकर ये चांद भी कमबख्त,
तेरी यादों पर चाँदनी डाल गया…

Sham Ki Yaade Shayari

परिंदे भी निकल पड़े घर अपने,
अस्त हो रहा था सूरज अपनी मस्ती में,
ये सुनहरी शाम और सर्द हवाएं,
लेकर निकल पड़ी मुझे तेरे ख़यालो मैं…

Sham Ki Yaade Shayari

ये शाम की रौनक तो देख,
तेरे आने की खुशी में खिल उठी है…
Sham Ki Yaade

Sham Ki Yaade Shayari

ये शाम तेरी यादों की कर्जदार रहेगी,
जिसका दाम अंधेरे से चुकाना पड़ेगा….
Sham Ki Yaade

Sham Ki Yaade Shayari

हाल ना पूछ दिल की बेताबी का,
हार कर भी हमनें जितना सीखा,
वही शाम के मंजर में बैठकर,
मैंने कलम चलना सीखा है,
चोट खाकर भी दिल के रिश्तों से,
दिल के दर्द से उभरना सीखा….

Sham Ki Yaade Shayari

एक मुसाफिर सा में,
तेरी यादों का मारा,
ना मंजिले मिलती है,
ना सफर खत्म होता है….

Sham Ki Yaade Shayari

#जाडे का मौसम, ठंडी ठंडी सुमधुर #साँझ,
#गांव की ताजी हवा, ने मीठी मीठी #तारी यादों…
Sham Ki Yaade

sardi ki sham shayari hindi me

15+ Latest सुहानी शाम की यादें | Suhani Sham Ki Yaade

शाम होते ही लालिमा प्रसर जाती है पूरे गगन में,
घर वापस जाते किलकिलाहट करते हुए ये परिंदे,
और आहिस्ता आहिस्ता तेरा मेरी यादों में आना,
यहीं तो वो जगह है, वो सुहाना सफर है जहाँ से,
कोई मुझसे अलग तो नही कर शकता तुमसे….

sardi ki sham shayari hindi me

उफ्फ,
ये शाम की महेफिल,
ये मदहोश करती फिजाएं,
ले जाती है मुझे तेरी और,
वो पलभर की बातें,
वो मुलाकात के दिन,
एक पल तेरा रूठना,
एक पल मेरा मनाना,
पल भर के लिए मिलना,
पल भर के लिए बिछड़ना,
अब जिंदगी भर की,
यादों में रह गए….
Sham Ki Yaade Shayari

sardi ki sham shayari hindi me

सुरमई शाम की वो रंगीन मुलाकातें,
दिलकश दिसम्बर के कोहरे की तरह,
बार बार कहर बरसाती तेरी यादें…

sard ki sham ki yaade

में दिसम्बर की ठंड की तरह आऊंगा,
तुम सुबह की हल्की सी धुप बनकर आना….

sard ki sham ki yaade

दस्तक दे रही थी ये इतवार की शाम,
तेरी यादों से जुड़ा वो दिसम्बर आया है…

sard ki sham ki yaade
sard ki sham ki yaade

ये शाम तेरी यादों की कर्जदार रहेगी,
जिसका दाम अंधेरे से चुकाना पड़ेगा….

sard ki sham ki yaade

बयां करू तो किससे करू, ये दिल के दर्द,
यहाँ सब के दिल भरे पड़े है,
एक शाम तो बैठो आकर हमारे पास,
खामोशियों में भी कितना दर्द भरा पड़ा है

sard ki sham ki yaade

पल पल तडप रहेती है इन सर्द भरी रातो में,
तुम आओ तो ये रातें हसींन हो जाये…

sard ki sham ki yaade

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